माँ (MAA)
MAA वह नाम वह सम्बन्ध जिसकी कोई व्याख्या नहीं की जा सकती वो माँ है , माँ वह है जो हमें शिक्षा देती है हमारा पालन पोषण करती है हमें एक काबिल इंसान बनाती है वो माँ है . हमारे जीवन मै पहली सीख देने वाली हमारी माँ है , इसीलिए माँ को प्रथम गुरु का दर्जा दिया गया है। माँ वह है जो अपनी संतान की ख़ुशी के लिए कोई भी संकट ले सकती है। माँ हमें हर पल हर समय अच्छी बाते सिखाती है। माँ प्रभु सामान है , जितना पूजा जाए वो कम है। माँ हमें वो कुछ सीखा देती जो कोई नहीं सीखा सकता , और माँ का सिखाया हुआ हमारे जिंदगी भर काम आता है। खुदा का दूसरा रूप है माँ , ममता का भंडार है माँ , वो घर नहीं जन्नत है , जिस घर पूजी जाती है माँ। 🌹🌹 सबसे अनोखा रिस्ता एक माँ और उसके संतान के बिच का होता है। माँ वो त्याग की मूर्ति है जो इस संसार मै तो कोई होही नहीं सकता। एक माँ आपने संतान को चिड़िये के सामान ऊपर उड़ाना देखना चाहती है . माँ अपने संतान के लिए कोई भी संकट ले सकती है चाहे वो बड़ी हो या छोटी। आखिर माँ माँ हो...